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संस्थापक और न्यासी(ट्रस्टी)

गोविन्दराज एथिराज इंडिया स्पेंड के संस्थापक संपादक एवं प्रबंधक ट्रस्टी है। वे एक टेलीविजन और प्रिंट पत्रकार भी हैं,उन्होंने पिंग डिजिटल नेटवर्क और बूम समाचार, जो दोनों ही अगली पीढ़ी के टेलीविजन नेटवर्क हैं, की स्थापना की है। वे ब्लूमबर्ग टीवी इंडिया में पूर्व संस्थापक-संपादक, पद पर काम किया है, जो कि 2008 में मुंबई के बाहर से शुरू की गई एक 24 घंटे की व्यापार समाचार सेवा है । उन्होंने 2000 में टेलीविजन स्टेशन सीएनबीसी-टीवी 18 में आरम्भिक समय से ही काम किया है। उन्होंने डिजिटल स्पेस में – नए मीडिया के प्रमुख के रूप में बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ -और पारंपरिक प्रिंट पत्रकारिता में नवभारत टाइम्स, बिजनेस वर्ल्ड और बिजनेस इंडिया पत्रिकामें काम किया है । वह बिजनेस स्टैंडर्ड जैसे समाचार पत्रों के लिए निरंतर लिखते रहे हैं । है। वे एस्पेन इंस्टीट्यूट, कोलोराडो में एक अध्येता भी है।

ईमेल: govindraj@indiaspend.org

 

प्रवीण चक्रवर्ती एक ख्याति प्राप्त , वरिष्ठ वित्तीय सेवा पेशेवर , सार्वजनिक नीति उत्साही और सक्रिय एन्जेल निवेशक हैं । श्री चक्रवर्ती प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित राय-संपादकीय कॉलम में लगातार अपना योगदान देते है। श्री प्रवीण ने व्हार्टन स्कूल एमबीए किया है और बिट्स पिलानी से स्नातक की डिग्री प्राप्त की है ।

ईमेल: praveen@indiacentral.net

 

कुमार बगरोडिया लीप वॉल्ट जो की एक स्थापित ज्ञान मीडिया और प्रतिभा विकास कंपनी है के सीईओ हैं । वे एक शासनात्मक एवं उद्यमी कोच हैं , फैसिलिटेटर, स्पीकर और भारत में हु मूव्ड माय चीज़ के प्रमुख सलाहकार हैं । उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, ब्रिटेन से एमबीए किया है औरऑक्सफोर्ड बिजनेस के पूर्व छात्रों के लिए भारत से चैंपियन और राजदूत हैं ।

ईमेल: kb@indiaspend.org

 

संरक्षक

 

रोहिणी नीलेकणी, अर्घ्यम की संस्थापक-अध्यक्षा हैं, उन्हीने अपने निजी प्रयासों से भारत में जल और स्वच्छता के मुद्दों पर काम करने के लिए इस संस्था की नीव डाली । वह प्रथम बुक्स,जो एक चैरिटेबल ट्रस्ट है ,की भी संस्थापक-अध्यक्षा हैं इसका उद्देश्य है “हर बच्चे के हाथ में एक पुस्तक।” एक पूर्व पत्रकार, लेखक और परोपकारी, रोहिणी एक दशक से अधिक समय से विकास के मुद्दों पर काम कर रही हैं । वह वर्तमान में भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की लेखा परीक्षा सलाहकार बोर्ड की एक सदस्य भी हैं। वह कई गैर लाभ संस्थाओं की बोर्ड , विशेष रूप से अत्री और संघमित्रा ग्रामीण फाइनेंशियल सर्विसेज ( पारिस्थितिकी और पर्यावरण के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए अशोक ट्रस्ट ) में भी भागीदार हैं । रोहिणी ने पेंगुइन भारत द्वारा प्रकाशित दो पुस्तकों का लेखन भी किया है -स्टिल बॉर्न – एक उपन्यास और असामान्य ग्राउंड जो सामाजिक और कॉर्पोरेट जगत के नेताओं के बीच संयमित संवाद का एक गैर-काल्पनिक लेख-जोखा है ।

 

विक्रम लाल, आयशर समूह के पूर्व अध्यक्ष हैं। उन्होंने 1957 में दून स्कूल से वरिष्ठ कैम्ब्रिज की डिग्री की जिसके बाद वे पश्चिम जर्मनी में तकनीकी विश्वविद्यालय डार्मस्टैडट में मैकेनिकल इंजीनियरिंग का अध्ययन करने के लिए विदेश चले गए । अपने पिता द्वारा 1966 में स्थापित पारिवारिक कंपनी आयशर में शामिल हो गए। आयशर,ने 1960 में भारत में पहली ट्रैक्टर निर्माता कम्पनी के रूप में कार्य शुरू किया, और अंततः 1986 में हल्के वाणिज्यिक वाहनों में अपना स्थान बनाया और फिर भारी वाहनों की ओर भी रूख किया। अन्य व्यवसायों के बीच, 1990 में रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिलों के एक प्रतिष्ठित ब्रांड का अधिग्रहण भी किया। श्री लाल कॉमन कॉज नामक एक गैर सरकारी जनहित संगठन के अध्यक्ष भी हैं जो कि , दिसंबर 2004 से वह सुधार, प्रशासन और कानून के प्रवर्तन से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर काम कर रही है। वे 7 साल तक वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर इंडिया के वाइस प्रसिडेंट और 6 साल तक दून स्कूल के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में सदस्य भी रहे । वर्तमान में, वह प्रथम दिल्ली शिक्षा पहल और संसाधन एलायंस भारत के बोर्ड के पद पर कार्यशील हैं ।

 

निमिष शाह फ्लेम के संस्थापक निदेशक हैं। शिक्षा और परोपकार की इच्छा के लिए उनकी लग्न के कारण उन्होंने पराग शाह के साथ मिल कर फ्लेम की स्थापना की । निमिष शाह, निवेश अनुसंधान पेशे के एक अग्रणी हैं , 1984 में, उन्होंने एनाम(ENAM) की शुरुआत एक ब्रोकिंग इकाई के रूप में की , एनाम ने निवेश बैंकिंग के पेशे में प्रवेश किया और छह महीने के भीतर ही उसके आईपीओ बाजार में लीग तालिका के शीर्ष पर चढ़ गए । 25 से अधिक वर्षों से , श्री शाह ने अपने सह-संस्थापक वल्लभ भंसाली, और अपने सहयोगियों के साथ, एनाम का नेतृत्व करते हुए उसे देश की एक प्रमुख वित्तीय सलाहकार संस्था के रूप में उसकी पहचान बनाई है। एनाम की सह-स्थापना से पूर्व श्री निमिष शाह ने 1978-1984 के बीच एक सब-ब्रोकर के रूप में शाह एंड कंपनी और दुष्यंत दयाल दास में काम किया है ।

 

पिरोजशा , गोदरेज फाउंडेशन गोदरेज समूह का परोपकारी भाग है और बच्चों , परिवार कल्याण और प्रकृति के संरक्षण के लिए, टीकाकरण सहित जैसे कई क्षेत्रों में गोदरेज समूह के चैरिटेबल कार्यों को सफल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । यह 1972 में स्थापित किया गया और होल्डिंग कंपनी गोदरेज एंड बॉयसि मफ्ज़ कंपनी लिमिटेड में हिस्सेदार था। इसके लाभांश से प्राप्त आय का उपयोग ट्रस्ट के उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।