नवीनतम रिपोर्ट
दिल्ली के बाहरी क्षेत्रों की महिलाओं को कार्यस्थल तक पहुंचने के लिए परिवहन पर करना पड़ता है ज्यादा खर्च

दिल्ली के बाहरी क्षेत्रों की महिलाओं को कार्यस्थल तक पहुंचने के लिए परिवहन पर करना पड़ता है ज्यादा खर्च

बावाना (दिल्ली): जब 25 फरवरी, 2018 को एक पर्स कारखाने में मोमीना को नौकरी मिली तो उसके पति ने काफी नाराजगी जाहिर की।…

स्वास्थ्य के मामले में पुडुचेरी बहुत आगे, दूसरे राज्य ले सकते हैं सीख

स्वास्थ्य के मामले में पुडुचेरी बहुत आगे, दूसरे राज्य ले सकते हैं सीख

पुडुचेरी: प्रतिदिन सुबह 8.से 9.00 बजे के बीच, पुडुचेरी के कोसापालायम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के आउट-मरीज डिपार्टमेंट (ओपीडी) में रोजाना इन्सुलिन शॉट्स प्राप्त करने के लिए 150 मधुमेह रोगी आते हैं।…

भारत में स्कूल जाने वाले बच्चे क्यों नहीं सीख पाते ?

भारत में स्कूल जाने वाले बच्चे क्यों नहीं सीख पाते ?

भारत के सेकेंडरी स्कूलों में पहले से कहीं ज्यादा बच्चों ने दाखिला लिया है, लेकिन स्कूल उन्हें यह बताने में नाकाम रहा है कि उन्हें क्या सीखना चाहिए था।…

बड़ी कंपनियां अपनी सामाजिक जिम्मेदारी पर देती हैं कम ध्यान

बड़ी कंपनियां अपनी सामाजिक जिम्मेदारी पर देती हैं कम ध्यान

इंदौर: कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के लिए भारत की शीर्ष 100 कंपनियों की प्रतिबद्धता सतही है और कुछ ही विकास परियोजनाओं में समुदाय को शामिल करते हैं, कुछ ही स्थानीय समुदायों पर अपने व्यापार के प्रभाव का आकलन करते हैं, कुछ ही विविधता सुनिश्चित करने या बाल श्रम को प्रतिबंधित करने वाले आपूर्तिकर्ताओं का चयन करने की नीतियों का खुलासा करते हैं, जैसा कि ‘इंडिया रिस्पॉन्सिव बिजनेस फोरम’ (आईआरबीएफ) द्वारा सार्वजनिक प्रकटीकरण के विश्लेषण से पता चलता है।…

बजट 2016: अंकों की कहानी

क्या बजट का 4.5% काफी है महिला योजनाओं के लिए?

क्या बजट का 4.5% काफी है महिला योजनाओं के लिए?

केंद्रीय बजट 2016-17 में महिलाओं (भारत के 1.2 बिलियन लोगों में से जिनकी हिस्सेदारी 48 फीसदी है) पर खर्च के लिए 90,624.76 करोड़ रुपए (13.3 बिलियन डॉलर) दिया गया है यानि कि सरकारी खर्च का 4.5 फीसदी महिलाओं पर खर्च के लिए आवंटित किया गया है।…

प्राथमिक शिक्षा खर्च में गिरावट का प्रभाव गुणवत्ता पर

प्राथमिक शिक्षा खर्च में गिरावट का प्रभाव गुणवत्ता पर

पिछले पांच वर्षों में सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) - सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम - पर 1,15,625 करोड़ रुपए (17.7 बिलियन डॉलर) खर्च हुए हैं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आई है।…

क्या बजट 2016 से रोजगार की कमी होगी कम?

क्या बजट 2016 से रोजगार की कमी होगी कम?

24 फरवरी 2016, बजट पेश होने से पांच दिन पूर्व, लोकसभा में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, देश भर में कौशल विकास कार्यक्रमों को लागू करने के लिए 100,000 प्रशिक्षकों की कमी है।…

इस श्रृंखला के अन्य लेख

प्राइम टाइम: भारत की विराट चुनौतियाँ

भारत के शहरों का 70% सीवेज अनुपचारित

भारत के शहरों का 70% सीवेज अनुपचारित

वर्ष 2019 तक सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना कि देश का हर नागरिक शौचालय का उपयोग करे एवं देश को खुले में शौच से मुक्त बनाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अभी चार वर्ष का समय बाकी है लेकिन सिर्फ शहरी भारत में 377 मिलियन लोगों द्वारा उत्पन्न गंदे पानी (सीवेज) का 30 फीसदी ही उपचार संयंत्रों के माध्यम से बहता है।…

कम हो रहा है कुपोषण लेकिन अल्पपोषितों की संख्या है अधिक

कम हो रहा है कुपोषण लेकिन अल्पपोषितों की संख्या है अधिक

भारत में 2006 से 2014 के दौरान, पांच साल से कम उम्र के अविकसित (कम कद के) बच्चों की दर 48 फीसदी से गिरकर 39 फीसदी हो गई है।…

मोटापा और समृद्धि : भारत में कुपोषण का नया चेहरा

मोटापा और समृद्धि : भारत में कुपोषण का नया चेहरा

एक नए भारतीय अध्ययन के मुताबिक लोगों की बढ़ती कमर की चौड़ाई से कुपोषण के खिलाफ भारत की लड़ाई में भी विस्तार हो रहा है।…

क्यों होती हैं महिलाएं अपनी जान लेने पर मजबूर

क्यों होती हैं महिलाएं अपनी जान लेने पर मजबूर

दिसंबर की ठिठुरती रात और जोधपुर का एक घर। इस सर्दी भरी रात में भी घर के लोगों के सर से पसीना निकल रहा था। घर की 17 साल की बेटी, भानू बेसुध पड़ी थी।…