नवीनतम रिपोर्ट
क्यों भारत के गरीब निजी दवाखानों से खरीदते हैं आवश्यक दवाएं ?

क्यों भारत के गरीब निजी दवाखानों से खरीदते हैं आवश्यक दवाएं ?

नई दिल्ली: भारत अपने आप को आयुषमान भारत के लिए तैयार कर रहा है।…

रैगिंग की घटनाओं में 75 फीसदी वृद्धि

रैगिंग की घटनाओं में 75 फीसदी वृद्धि

मुंबई: लोकसभा में प्रस्तुत आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2013 और 2017 के बीच विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को पिछले पांच वर्षों में छात्र रैगिंग की 3,022 शिकायतें मिलीं हैं।…

ऊपरी जाति के हिंदुओं को पुलिस से डर सबसे कम, सिखों में डर सबसे ज्यादा

ऊपरी जाति के हिंदुओं को पुलिस से डर सबसे कम, सिखों में डर सबसे ज्यादा

नई दिल्ली: एक वैचारिक मंच और एक गैर सरकारी संगठन के एक नए अध्ययन के मुताबिक, ऊपरी जाति के हिंदुओं को पुलिस से सबसे कम डर है, उनके बारे में अनुकूल राय होने की संभावना रहती है और उनसे संपर्क करने की संभावना कम है।…

“महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक भागीदारी पर ध्यान देने की जरूरत”

“महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक भागीदारी पर ध्यान देने की जरूरत”

नई दिल्ली: शहरी भारत में महिलाएं बेहतर रोजगार के अवसरों को छोड़ते हुए कम वेतन वाले स्थानीय अवसरों को चुनती हैं, क्योंकि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अक्सर अविश्वसनीय है या कठिन है।…

बजट 2016: अंकों की कहानी

क्या बजट का 4.5% काफी है महिला योजनाओं के लिए?

क्या बजट का 4.5% काफी है महिला योजनाओं के लिए?

केंद्रीय बजट 2016-17 में महिलाओं (भारत के 1.2 बिलियन लोगों में से जिनकी हिस्सेदारी 48 फीसदी है) पर खर्च के लिए 90,624.76 करोड़ रुपए (13.3 बिलियन डॉलर) दिया गया है यानि कि सरकारी खर्च का 4.5 फीसदी महिलाओं पर खर्च के लिए आवंटित किया गया है।…

प्राथमिक शिक्षा खर्च में गिरावट का प्रभाव गुणवत्ता पर

प्राथमिक शिक्षा खर्च में गिरावट का प्रभाव गुणवत्ता पर

पिछले पांच वर्षों में सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) - सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम - पर 1,15,625 करोड़ रुपए (17.7 बिलियन डॉलर) खर्च हुए हैं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आई है।…

क्या बजट 2016 से रोजगार की कमी होगी कम?

क्या बजट 2016 से रोजगार की कमी होगी कम?

24 फरवरी 2016, बजट पेश होने से पांच दिन पूर्व, लोकसभा में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, देश भर में कौशल विकास कार्यक्रमों को लागू करने के लिए 100,000 प्रशिक्षकों की कमी है। वर्ष 2015 में, सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 1.4 मिलियन नौकरियों की मांग थी जिसमें से केवल 209,000 या 17 फीसदी को ही नौकरियां मिल पाई थी, जैसा कि इंडियास्पेंड ने पहले भी अपनी रिपोर्ट में बताया है।…

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प्राइम टाइम: भारत की विराट चुनौतियाँ

भारत के शहरों का 70% सीवेज अनुपचारित

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वर्ष 2019 तक सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना कि देश का हर नागरिक शौचालय का उपयोग करे एवं देश को खुले में शौच से मुक्त बनाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अभी चार वर्ष का समय बाकी है लेकिन सिर्फ शहरी भारत में 377 मिलियन लोगों द्वारा उत्पन्न गंदे पानी (सीवेज) का 30 फीसदी ही उपचार संयंत्रों के माध्यम से बहता है।…

कम हो रहा है कुपोषण लेकिन अल्पपोषितों की संख्या है अधिक

कम हो रहा है कुपोषण लेकिन अल्पपोषितों की संख्या है अधिक

भारत में 2006 से 2014 के दौरान, पांच साल से कम उम्र के अविकसित (कम कद के) बच्चों की दर 48 फीसदी से गिरकर 39 फीसदी हो गई है।…

मोटापा और समृद्धि : भारत में कुपोषण का नया चेहरा

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एक नए भारतीय अध्ययन के मुताबिक लोगों की बढ़ती कमर की चौड़ाई से कुपोषण के खिलाफ भारत की लड़ाई में भी विस्तार हो रहा है।…

क्यों होती हैं महिलाएं अपनी जान लेने पर मजबूर

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दिसंबर की ठिठुरती रात और जोधपुर का एक घर। इस सर्दी भरी रात में भी घर के लोगों के सर से पसीना निकल रहा था। घर की 17 साल की बेटी, भानू बेसुध पड़ी थी।…