नवीनतम रिपोर्ट
व्हाइट-कॉलर नौकरी करने वाले भारतीयों को मोटापा और  कमजोर स्वास्थ्य का जोखिम ज्यादा

व्हाइट-कॉलर नौकरी करने वाले भारतीयों को मोटापा और कमजोर स्वास्थ्य का जोखिम ज्यादा

मुंबई: ब्लू-कॉलर व्यवसायों में काम करने वाले लोगों की तुलना में, दिन में बेहद कम गतिविधियों के साथ व्हाइट-कॉलर नौकरियां करने वाले भारतीयों का औसत बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) ज्यादा होता है, जो मोटापे का एक संकेतक है।…

केरल के श्रमिक केंद्रों में, नोटबंदी के बाद प्रवासी श्रमिकों की हालत बदतर

केरल के श्रमिक केंद्रों में, नोटबंदी के बाद प्रवासी श्रमिकों की हालत बदतर

पेरुम्बवूर (केरल): अशिक्षित राजमिस्त्री जलालुद्दीन शेख सात साल पहले एक बेहतर जीवन की कामना के साथ अपने घर बंगाल के मुर्शिदाबाद से लगभग 2,500 किलोमीटर दक्षिण आए, जो कृषि उत्पाद, प्लाईवुड और विविध लघु उद्योग के लिए जाना जाता है।…

2019 में चुनाव लड़ने के लिए भारत को अधिक महिला  उम्मीदवारों की जरुरत

2019 में चुनाव लड़ने के लिए भारत को अधिक महिला उम्मीदवारों की जरुरत

मुंबई: अपने राष्ट्रीय संसदों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के प्रतिशत के आधार पर 193 देशों की 2019 सूची में भारत 149 वें स्थान पर रहा है।…

जयपुर की जर्जर अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में ग्रेजुएट, फैक्ट्री मालिक और किसानों को श्रमिक नौकरियों की तलाश

जयपुर की जर्जर अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में ग्रेजुएट, फैक्ट्री मालिक और किसानों को श्रमिक नौकरियों की तलाश

जयपुर: भारत के गुलाबी शहर के तीन बाजार क्षेत्रों में, खड़े एक पूर्व कृषक दंपति, एक कारखाने के पूर्व मालिक और एक ग्रैजुएट बताते हैं कि एक श्रमिक का काम मिलना कितना मुश्किल है, वह भी तब जब रिकॉर्ड बेरोजगारी की मार झेल रहे देश में आम चुनाव होने जा रहे हैं।…

बजट 2016: अंकों की कहानी

क्या बजट का 4.5% काफी है महिला योजनाओं के लिए?

क्या बजट का 4.5% काफी है महिला योजनाओं के लिए?

केंद्रीय बजट 2016-17 में महिलाओं (भारत के 1.2 बिलियन लोगों में से जिनकी हिस्सेदारी 48 फीसदी है) पर खर्च के लिए 90,624.76 करोड़ रुपए (13.3 बिलियन डॉलर) दिया गया है यानि कि सरकारी खर्च का 4.5 फीसदी महिलाओं पर खर्च के लिए आवंटित किया गया है।…

प्राथमिक शिक्षा खर्च में गिरावट का प्रभाव गुणवत्ता पर

प्राथमिक शिक्षा खर्च में गिरावट का प्रभाव गुणवत्ता पर

पिछले पांच वर्षों में सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) - सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम - पर 1,15,625 करोड़ रुपए (17.7 बिलियन डॉलर) खर्च हुए हैं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आई है।…

क्या बजट 2016 से रोजगार की कमी होगी कम?

क्या बजट 2016 से रोजगार की कमी होगी कम?

24 फरवरी 2016, बजट पेश होने से पांच दिन पूर्व, लोकसभा में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, देश भर में कौशल विकास कार्यक्रमों को लागू करने के लिए 100,000 प्रशिक्षकों की कमी है। वर्ष 2015 में, सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 1.4 मिलियन नौकरियों की मांग थी जिसमें से केवल 209,000 या 17 फीसदी को ही नौकरियां मिल पाई थी, जैसा कि इंडियास्पेंड ने पहले भी अपनी रिपोर्ट में बताया है।…

इस श्रृंखला के अन्य लेख

प्राइम टाइम: भारत की विराट चुनौतियाँ

भारत के शहरों का 70% सीवेज अनुपचारित

भारत के शहरों का 70% सीवेज अनुपचारित

वर्ष 2019 तक सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना कि देश का हर नागरिक शौचालय का उपयोग करे एवं देश को खुले में शौच से मुक्त बनाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अभी चार वर्ष का समय बाकी है लेकिन सिर्फ शहरी भारत में 377 मिलियन लोगों द्वारा उत्पन्न गंदे पानी (सीवेज) का 30 फीसदी ही उपचार संयंत्रों के माध्यम से बहता है।…

कम हो रहा है कुपोषण लेकिन अल्पपोषितों की संख्या है अधिक

कम हो रहा है कुपोषण लेकिन अल्पपोषितों की संख्या है अधिक

भारत में 2006 से 2014 के दौरान, पांच साल से कम उम्र के अविकसित (कम कद के) बच्चों की दर 48 फीसदी से गिरकर 39 फीसदी हो गई है।…

मोटापा और समृद्धि : भारत में कुपोषण का नया चेहरा

मोटापा और समृद्धि : भारत में कुपोषण का नया चेहरा

एक नए भारतीय अध्ययन के मुताबिक लोगों की बढ़ती कमर की चौड़ाई से कुपोषण के खिलाफ भारत की लड़ाई में भी विस्तार हो रहा है।…

क्यों होती हैं महिलाएं अपनी जान लेने पर मजबूर

क्यों होती हैं महिलाएं अपनी जान लेने पर मजबूर

दिसंबर की ठिठुरती रात और जोधपुर का एक घर। इस सर्दी भरी रात में भी घर के लोगों के सर से पसीना निकल रहा था। घर की 17 साल की बेटी, भानू बेसुध पड़ी थी।…