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“एक अरब लोग गरीबी से बाहर निकल आए और मुश्किल से एक फीसदी दुनिया जानती है यह बात! ”

“एक अरब लोग गरीबी से बाहर निकल आए और मुश्किल से एक फीसदी दुनिया जानती है यह बात! ”

न्यूयॉर्क: हाल के दशक में करीब एक बिलियन लोग गरीबी से बाहर आए हैं। यह संख्या इतनी बड़ी है कि यह वास्तव में एक 'कल्पना' की तरह लगती है।…

राजस्थान के विकास के साथ सामाजिक प्रगति नहीं

राजस्थान के विकास के साथ सामाजिक प्रगति नहीं

मुंबई: भारत के सातवें सबसे अधिक आबादी वाले राज्य राजस्थान में 7 फीसदी का विकास दर है, जो राष्ट्रीय औसत से ज्यादा जरूर है, लेकिन यह राज्य पर्याप्त रोजगार बनाने, महिलाओं की साक्षरता में सुधार करने या उच्च मातृ और शिशु मृत्यु दर से लड़ने के लिए इस विकास का उपयोग करने में सफल नहीं है।…

गर्म लहरों से प्रभावित होने वाले भारतीयों की संख्या में तेजी से वृद्धि,वैश्विक श्रम हानि में भारत की आधी हिस्सेदारी

गर्म लहरों से प्रभावित होने वाले भारतीयों की संख्या में तेजी से वृद्धि,वैश्विक श्रम हानि में भारत की आधी हिस्सेदारी

मुंबई: भारत ने 2012 के मुकाबले 2016 में अतिरिक्त 40 मिलियन गर्म हवाओं की घटनाओं को अनुभव किया है।…

लक्ष्य प्राप्त करने में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम पीछे

लक्ष्य प्राप्त करने में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम पीछे

मुंबई: 163 मिलियन से अधिक भारतीयों ( रूस की आबादी से अधिक ) को सुरक्षित पेयजल नहीं मिल पा रहा है।…

बजट 2016: अंकों की कहानी

क्या बजट का 4.5% काफी है महिला योजनाओं के लिए?

क्या बजट का 4.5% काफी है महिला योजनाओं के लिए?

केंद्रीय बजट 2016-17 में महिलाओं (भारत के 1.2 बिलियन लोगों में से जिनकी हिस्सेदारी 48 फीसदी है) पर खर्च के लिए 90,624.76 करोड़ रुपए (13.3 बिलियन डॉलर) दिया गया है यानि कि सरकारी खर्च का 4.5 फीसदी महिलाओं पर खर्च के लिए आवंटित किया गया है।…

प्राथमिक शिक्षा खर्च में गिरावट का प्रभाव गुणवत्ता पर

प्राथमिक शिक्षा खर्च में गिरावट का प्रभाव गुणवत्ता पर

पिछले पांच वर्षों में सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) - सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम - पर 1,15,625 करोड़ रुपए (17.7 बिलियन डॉलर) खर्च हुए हैं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आई है।…

क्या बजट 2016 से रोजगार की कमी होगी कम?

क्या बजट 2016 से रोजगार की कमी होगी कम?

24 फरवरी 2016, बजट पेश होने से पांच दिन पूर्व, लोकसभा में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, देश भर में कौशल विकास कार्यक्रमों को लागू करने के लिए 100,000 प्रशिक्षकों की कमी है। वर्ष 2015 में, सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 1.4 मिलियन नौकरियों की मांग थी जिसमें से केवल 209,000 या 17 फीसदी को ही नौकरियां मिल पाई थी, जैसा कि इंडियास्पेंड ने पहले भी अपनी रिपोर्ट में बताया है।…

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प्राइम टाइम: भारत की विराट चुनौतियाँ

भारत के शहरों का 70% सीवेज अनुपचारित

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वर्ष 2019 तक सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना कि देश का हर नागरिक शौचालय का उपयोग करे एवं देश को खुले में शौच से मुक्त बनाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अभी चार वर्ष का समय बाकी है लेकिन सिर्फ शहरी भारत में 377 मिलियन लोगों द्वारा उत्पन्न गंदे पानी (सीवेज) का 30 फीसदी ही उपचार संयंत्रों के माध्यम से बहता है।…

कम हो रहा है कुपोषण लेकिन अल्पपोषितों की संख्या है अधिक

कम हो रहा है कुपोषण लेकिन अल्पपोषितों की संख्या है अधिक

भारत में 2006 से 2014 के दौरान, पांच साल से कम उम्र के अविकसित (कम कद के) बच्चों की दर 48 फीसदी से गिरकर 39 फीसदी हो गई है।…

मोटापा और समृद्धि : भारत में कुपोषण का नया चेहरा

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एक नए भारतीय अध्ययन के मुताबिक लोगों की बढ़ती कमर की चौड़ाई से कुपोषण के खिलाफ भारत की लड़ाई में भी विस्तार हो रहा है।…

क्यों होती हैं महिलाएं अपनी जान लेने पर मजबूर

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दिसंबर की ठिठुरती रात और जोधपुर का एक घर। इस सर्दी भरी रात में भी घर के लोगों के सर से पसीना निकल रहा था। घर की 17 साल की बेटी, भानू बेसुध पड़ी थी।…