नवीनतम रिपोर्ट
भारतीय महिलाएं, मातृत्व और पेनल्टी

भारतीय महिलाएं, मातृत्व और पेनल्टी

दिल्ली / गुड़गांव: गुड़गांव के एक होटल के कॉन्फ्रेंस रूम में दो विशाल झूमर के नीचे, खूबसूरत कपड़े पहने हुई 250 महिलाएं जोर से ड्रम बजा रही हैं। तेज, धीमी गति से, जोर से, और फिर विराम। यह देखने से आसान सा लगता है।…

‘महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात तक पहुंचाने के लिए इससे जुड़े कलंक को कम करने की जरुरत’

‘महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात तक पहुंचाने के लिए इससे जुड़े कलंक को कम करने की जरुरत’

नई दिल्ली: लगभग आधी सदी पहले भारत में गर्भपात वैध किया गया था, फिर भी असुरक्षित गर्भपात ( अनियंत्रित प्रदाताओं द्वारा अस्वास्थ्यकर स्थितियों में किया जाने वाला ) मातृ मृत्यु का तीसरा सबसे बड़ा कारण है।…

सरकारी सेवा के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों की चौखट पर

सरकारी सेवा के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों की चौखट पर

मुंबई: वर्ग और जाति में विभाजित, शिक्षा से वंचित और सार्वजनिक सेवाओं या सरकारी निकायों तक पहुंच के बिना, भारतीय अक्सर अपने काम करने के लिए राजनीतिक संस्थानों और सामाजिक नेटवर्क का उपयोग करते हैं और अपनी समस्या का समाधान करते हैं।…

नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी कर्नाटक से सीख सखता है देश

नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी कर्नाटक से सीख सखता है देश

नई दिल्ली: आने वाले दशक में 11 गीगावाट (जीडब्लू) नवीकरण ऊर्जा यानी या 1000 मेगावॉट के 11 कोयला संयंत्र से उत्पन्न बिजली ऊर्जा के बराबर, को जोड़कर, कर्नाटक नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में राष्ट्रीय परिदृश्य पर सबसे आगे रहते हुए 2027-28 तक ऊर्जा में आत्मनिर्भर भी हो सकता है, इसमें कर्नाटक के वर्तमान जीवाश्म ईंधन क्षमता को नहीं जोड़ा गया है।…

बजट 2016: अंकों की कहानी

क्या बजट का 4.5% काफी है महिला योजनाओं के लिए?

क्या बजट का 4.5% काफी है महिला योजनाओं के लिए?

केंद्रीय बजट 2016-17 में महिलाओं (भारत के 1.2 बिलियन लोगों में से जिनकी हिस्सेदारी 48 फीसदी है) पर खर्च के लिए 90,624.76 करोड़ रुपए (13.3 बिलियन डॉलर) दिया गया है यानि कि सरकारी खर्च का 4.5 फीसदी महिलाओं पर खर्च के लिए आवंटित किया गया है।…

प्राथमिक शिक्षा खर्च में गिरावट का प्रभाव गुणवत्ता पर

प्राथमिक शिक्षा खर्च में गिरावट का प्रभाव गुणवत्ता पर

पिछले पांच वर्षों में सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) - सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम - पर 1,15,625 करोड़ रुपए (17.7 बिलियन डॉलर) खर्च हुए हैं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आई है।…

क्या बजट 2016 से रोजगार की कमी होगी कम?

क्या बजट 2016 से रोजगार की कमी होगी कम?

24 फरवरी 2016, बजट पेश होने से पांच दिन पूर्व, लोकसभा में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, देश भर में कौशल विकास कार्यक्रमों को लागू करने के लिए 100,000 प्रशिक्षकों की कमी है। वर्ष 2015 में, सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 1.4 मिलियन नौकरियों की मांग थी जिसमें से केवल 209,000 या 17 फीसदी को ही नौकरियां मिल पाई थी, जैसा कि इंडियास्पेंड ने पहले भी अपनी रिपोर्ट में बताया है।…

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प्राइम टाइम: भारत की विराट चुनौतियाँ

भारत के शहरों का 70% सीवेज अनुपचारित

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वर्ष 2019 तक सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना कि देश का हर नागरिक शौचालय का उपयोग करे एवं देश को खुले में शौच से मुक्त बनाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अभी चार वर्ष का समय बाकी है लेकिन सिर्फ शहरी भारत में 377 मिलियन लोगों द्वारा उत्पन्न गंदे पानी (सीवेज) का 30 फीसदी ही उपचार संयंत्रों के माध्यम से बहता है।…

कम हो रहा है कुपोषण लेकिन अल्पपोषितों की संख्या है अधिक

कम हो रहा है कुपोषण लेकिन अल्पपोषितों की संख्या है अधिक

भारत में 2006 से 2014 के दौरान, पांच साल से कम उम्र के अविकसित (कम कद के) बच्चों की दर 48 फीसदी से गिरकर 39 फीसदी हो गई है।…

मोटापा और समृद्धि : भारत में कुपोषण का नया चेहरा

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एक नए भारतीय अध्ययन के मुताबिक लोगों की बढ़ती कमर की चौड़ाई से कुपोषण के खिलाफ भारत की लड़ाई में भी विस्तार हो रहा है।…

क्यों होती हैं महिलाएं अपनी जान लेने पर मजबूर

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दिसंबर की ठिठुरती रात और जोधपुर का एक घर। इस सर्दी भरी रात में भी घर के लोगों के सर से पसीना निकल रहा था। घर की 17 साल की बेटी, भानू बेसुध पड़ी थी।…