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“मोदी का विरोध अक्सर भारत विरोध पर जा पहुंचता है!”

श्रीहरि पलियथ,
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बैंगलुरू (दक्षिण) निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार और 2019 के संसदीय चुनावों में सबसे कम उम्र के उम्मीदवारों में से एक, 28 वर्षीय तेजस्वी सूर्या कहते हैं, “बैंगलोर को अपने विकास के मुद्दों को हल करने के लिए प्रौद्योगिकी-संचालित समाधानों की आवश्यकता है।

 

बेंगलुरु: जब 28 वर्षीय तेजस्वी सूर्य को दिवंगत केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार की पत्नी तेजस्विनी की जगह भाजपा ने बेंगलुरु (दक्षिण) निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित किया था, तब बहुत विवाद हुआ था। अनंत कुमार ने पिछले छह चुनावों में यह सीट जीती थी।

 

सूर्या एक वकील हैं और  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सचिव हैं, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध एक दक्षिणपंथी छात्र संगठन है, और भारतीय जनता युवा मोर्चा, बीजेपी के युवा विंग के महासचिव हैं। वह 2019 के संसदीय चुनावों में सबसे कम उम्र के उम्मीदवारों में से एक हैं।

 

सूर्या को लेकर तब विवाद खड़ा हुआ जब उन्होंने एक भाषण में कहा था कि जो लोग “मोदी के साथ नहीं, वे भारत-विरोधी” हैं। उन्होंने संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण के विरोध में भी ट्वीट किया ( बाद में हटा दिया ) और “मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण” को जयनगर में भाजपा के नुकसान का कारण बताया।  यौन उत्पीड़न के एक मुकदमे के बाद, उन्होंने मीडिया के खिलाफ एक गैग आदेश के लिए नागरिक अदालत का दरवाजा खटखटाया। शिकायतकर्ता द्वारा यह कहने के बाद कि यह राजनीतिक रूप से सूर्या के राजनीतिक कैरियर को बर्बाद करने के लिए प्रेरित था”, हाल ही में इस मामले को  महिला आयोग ने छोड़ दिया है। इंडियास्पेंड को दिए एक ईमेल साक्षात्कार में, सूर्या ने कहा कि ‘जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जो विरोध में हैं, वे भारत विरोधी हैं…’ वाले बयान के साथ खड़े हैं। उन्होंने केंद्र में अपनी पार्टी के दूसरी बार जीतने की संभावनाओं के बारे में बात की, और अपनी खुद की उम्मीदवारी जुड़े विवादों पर चर्चा की।

 

आपकी उम्मीदवारी विवादास्पद रही है। पिछले उम्मीदवार स्वर्गीय अनंत कुमार की पत्नी को टिकट मिलने की उम्मीद थी। परिस्थितियों को देखते हुए आप बैंगलुरू(दक्षिण) में अपने लिए चुने जाने के अवसरों का आकलन कैसे करते हैं?

 

 मैं बैंगलुरू(दक्षिण) जैसे प्रतिष्ठित निर्वाचन क्षेत्र के लिए भाजपा भाजपा उम्मीदवार के रूप में खुद को धन्य महसूस करता हूं। स्वर्गीय अनंत कुमार सार्वजनिक जीवन में मेरे गुरु थे। चाहे वह देवनहल्ली में हवाई अड्डा हो या उपनगरीय रेल का विस्तार हो, निर्वाचन क्षेत्र और इस शहर में उनका योगदान बहुत अधिक है।

 

बेंगलुरू (दक्षिण)  के लोगों ने पिछले छह कार्यकाल से भाजपा का चुनाव करने में बहुत विश्वास दिखाया है। मैं केवल यह कह सकता हूं कि इस निर्वाचन क्षेत्र के लिए नामित होने के लिए मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूंजहां से जस्टिस केएस हेगड़े, समाज सुधारक टीआर शमन्ना, स्वतंत्रता सेनानी वीएस कृष्णा अय्यर, प्रशासक गुंडू राव, वेंकटगिरी गौड़ा और अनंत कुमार जैसे संगठन के निर्माता और दूरदर्शी नेता चुने गए हैं।

 

एक युवा उम्मीदवार के रूप में निर्वाचन क्षेत्र के लिए आपका दृष्टिकोण क्या है? आप क्या बदलाव करना चाहेंगे और आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं?

 

बैंगलुरूइस मायने में एक अनूठा शहर है कि इसकी स्थापना 1537 में की गई थी । यह भारत की स्टार्ट-अप राजधानी भी है। मुझे लगता है कि हमें ट्रैफिक, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण जैसी समस्याओं के लिए प्रौद्योगिकी-संचालित समाधानों की आवश्यकता है।

 

एक नए बैंगलुरूकी समस्याओं को खत्म करने के लिए अनूठी योजनाओं की आवश्यकता है।  इसके लिए, मैं शहरी योजनाओं के लिए एक ‘केमपे गौड़ा संस्थान’ की स्थापना पर विचार कर रहा हूं, जो एक विचार मंच होगा । उस मंच के जरिए बैंगलुरूऔर अधिक सुव्यवस्थित बनाने में हम लोग के लिए समाधानों पर अपने विचारों को साझा कर पाएंगे।

 
 

क्या आप अभी भी उस भाषण के साथ खड़े हैं जिसमें आपने कहा था: ” यदि आप मोदी के साथ नहीं हैं तो आप भारत विरोधी हैं।” आपने संदर्भ को बाद में स्पष्ट किया, लेकिन आपने यह भी कहा कि आपको इसके लिए खेद है। क्या यह उन मतदाताओं का ध्रुवीकरण नहीं है, जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से बीजेपी का समर्थन किया है?

 

मेरी उम्मीदवारी की घोषणा से पहलेस मैंने ऐसा कहा था, इसलिए मुझे नहीं लगता कि इससे चुनाव में ध्रुवीकरण हो सकता है। मैं इसके साथ खड़ा हूं।

 

यह एक अलग मंच पर बयान दिया गया था और अब इसे संदर्भ से बाहर कर बताया गया है। इस देश में कोई भी किसी की भी आलोचना करने के लिए स्वतंत्र है। लेकिन प्रधानमंत्री के प्रति घृणा के कारण अपने देश भारत की नीतियों के लिए नफरत नहीं पैदा होनी चाहिए।  मोदी का विरोध अक्सर भारत के विरोध में सामने आता है।  मैं इसी के खिलाफ हूं।

 

बीजेपी को बैंगलुरू(दक्षिण) में मजबूत ब्राह्मण समर्थन मिला है। अखिल कर्नाटक ब्राह्मण महासभा के महासचिव ने कहा, “सभी चुनावों में, हम ब्राह्मण उम्मीदवारों का समर्थन करते हैं, भले ही वे किसी भी पार्टी के हों। जाति-आधारित समर्थन पर आपके विचार क्या हैं? क्या यह 2014 में आपकी पार्टी द्वारा वादा किए गए विकास-केंद्रित एजेंडे से ध्यान हटाने की प्रवृत्ति है?

 

मैं भरोसे का साथ नहीं कह सकता हूं कि मुझे किसी भी धार्मिक संस्था द्वारा मेरी जाति के आधार पर समर्थन दिया गया था या नहीं। बैंगलुरू(दक्षिण) ने मुझे मेरी जाति के आधार पर वोट नहीं दिया। उन्होंने मुझे एक 28 वर्षीय वकील के रूप में देखा, जो निर्वाचन क्षेत्र के लिए भाजपा का उम्मीदवार है। अपने अभियान के दौरान, मैंने बड़ों को बताया है कि उनका एक बेटा है जो मेरी उम्र का है। यंगस्टर्स भी मुझे अपना भाई मानते हैं, जो संसद में युवाओं और कन्नड़ की आवाज बन सकते हैं। मेरे अभियान का फोकस हमेशा शहर का विकास रहा है और इसने कोई अन्य मोड़ नहीं लिया है।

 

बैंगलुरू(दक्षिण)  का लिंगानुपात (879) बेंगलूरु जिले के औसत (916) से कम है। बंगलौर दक्षिण (शहरी) 799 पर है, जो बंगलोर पूर्व, उत्तर, और सभी उप-जिलों में सबसे कम है। यदि आप निर्वाचित होते हैं तो इस समस्या से निपटने की योजना आप कैसे बनाएंगे? 

 

देश में बेमेल लिंग अनुपात के बारे में आम जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढाओ’ योजना के तहत एक अभियान चल रहा है। यदि मुझे बैंगलुरू(दक्षिण0 से सत्ता में चुना जाता है, तो मैं इस बिंदु को उठाऊंगा और इसे सामान्य कामकाज का हिस्सा बनाऊंगा और विशेष रूप से बैंगलोर शहरी और बैंगलोर दक्षिण में लिंग अनुपात के बारे में लोगों को जागरूक बना कर सुधार करूंगा।

 

नीति आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार अगले साल तक बंगलुरू में पानी की समस्या बद्तर होने की आशंका है। क्या आपने पानी की पर्याप्त पहुंच और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक रणनीति विकसित की है?

 

बंगलुरू में पानी की समस्याओं को हल करने के लिए कई उपाय किए गए हैं। उदाहरण के लिए, हमारे जल निकायों की सफाई के लिए एएमआरयूटी निधियों का बेहतर उपयोग हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए।

 

हमें वर्षा जल संचयन इकाइयों को सब्सिडी देने पर भी सोचना होगा। गोदावरी-कावेरी लिंकिंग परियोजना पर विशेष जोर देने की जरूरत है। मैं इस परियोजना में भी योगदान करने की उम्मीद करता हूं।

 

यदि आप पिछले कुछ वर्षों में एमपीएलएडीएस ( मेंबर ऑफ पार्लियामेंट लोकल एरिया डेवलपमेंट स्कीम) के धन का उपयोग करने के तरीके पर नजर डालें तो उनमें से बड़ी राशि लोगों के पास पीने के पानी की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने में खर्च किया गया है। मैं इसपर और भी विचार करूंगा। पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए, अगर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी गंगा जैसी नदी साफ कर सकते हैं, हम अपनी झीलों की सफाई क्यों नहीं कर सकते? यह संभव है।

 

हालांकि कुछ सर्वेक्षणों ने दावा किया है कि बालाकोट हमलों ने भाजपा की संभावनाओं में सुधार किया है, अन्य लोगों का दावा कुछ और है। कर्नाटक और देश में आपकी पार्टी की स्थिति के बारे में आपका क्या आकलन है? आपने अपने घटकों से क्या सुना?

 

चाहे वह उज्जवला योजना (स्वच्छ रसोई गैस योजना) हो, जिससे कई परिवारों को (लगभग 6 करोड़) एलपीजी सिलेंडर मिला या जन धन योजना (वित्तीय समावेशन कार्यक्रम), जिसके माध्यम से 3.53 करोड़ से अधिक बैंक खाते व्यक्तियों के लिए स्थापित किए गए थे… प्रधान मंत्री मोदी ने सभी की प्रगति के लिए काम किया है।मोदी की एक बड़ी लहर है, जो देश और कर्नाटक में अब भी स्पष्ट है। मुझे यकीन है कि 23 मई को, जब चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे, कर्नाटक में भाजपा एक बड़ी सफलता दर्ज करने में सक्षम होगी।

 

आपने हाल ही में मीडिया पर गैग आर्डर प्राप्त किया, जिसे उच्च न्यायालय ने उठा लिया। आपको अदालत से संपर्क करने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई?

 

मुझे कलंकित करने का एक अभियान चल रहा था, जो मेरी उम्मीदवारी की घोषणा के ठीक बाद मेरे विरोधियों द्वारा चलाया जा रहा था। इस देश के एक नागरिक के रूप में, मैं अदालत से संपर्क करने को लेकर में अपने अधिकारों के भीतर था, क्योंकि मुझे लगा कि मेरा नाम गलत तथ्यों के साथ धूमिल किया जा रहा है।

 

इसके अलावा, यह बिल्कुल भी ‘गैग ऑर्डर’ नहीं था। अदालत ने मीडिया संगठनों को बदनाम करने वाली खबरें लिखने से रोक दिया। उच्च न्यायालय ने भी वही दोहराया और मुझे चुनाव आयोग से संपर्क करने का हौसला दिया। कर्नाटक महिला आयोग ने कर्नाटक में दूसरे चरण के चुनाव के पूरा होने के तुरंत बाद इस मामले को हटा दिया। यह 100 फीसदी राजनीति से प्रेरित था। इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए तथ्य मेरे सामने हैं।

 

( पलियथ विश्लेषक हैं और इंडियास्पेंड के साथ जुड़े हैं। )

 

यह साक्षात्कार मूलत: अंग्रेजी में 05 मई, 2019 को indiaspend.com पर प्रकाशित हुआ है।

 

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