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बिजली को छोड़ बाकी सभी क्षेत्र के कारोबार में जीएसटी से सीमांत कर दरों में कटौती

विवेक विपुल,
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माल और सेवा कर (जीएसटी) 1 जुलाई 2017 को शुरू हुआ। एक नए अध्ययन के अनुसार, जीएसटी ने बिजली को छोड़ कर, जो नए कर व्यवस्था से मुक्त है, देश के सभी क्षेत्र के कारोबार में सीमांत कर दरों में कटौती ( वास्तविक, प्रभावी कर जो व्यवसाय करता है, एक निवेश पर रिटर्न के पूर्व कर और पोस्ट-टैक्स दर के बीच तकनीकी रूप से अंतर ) की है।

 

ग्लोबल कंसल्टेंसी ‘ ईवाई’ के वरिष्ठ प्रबंधक  गौरव एस घोष और कनाडा के कैलगरी विश्वविद्यालय में ‘स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी’ के निदेशक जैक मिंटज के एक अनुमान के अनुसार, सभी क्षेत्रों में सीमांत कर दरों में गिरावट 1-23 प्रतिशत अंकों की सीमा में थी।

 

सीमान्त कर वो दर है जो सभी वैधानिक करों के प्रभाव पर विचार करने के बाद व्यवसायों ने निवेश के प्रत्येक नए यूनिट पर भुगतान किया है। लेखकों ने आगे समझाया कि, एक उच्च सीमांत टैक्स दर का मतलब है कि कारोबार में निवेश बढ़ाने के लिए कम प्रोत्साहन और इसका विपरीत।

 

23.2 फीसदी पर, परिवहन क्षेत्र में सीमान्त कर दर में सबसे अधिक गिरावट देखी गई है।

 

कुल मिलाकर, सीमान्त कर की दर पांच प्रतिशत अंक घटकर 27 फीसदी से 22 फीसदी हुई है।

 

बिजली क्षेत्र में जीएसटी लागू होने के बाद सीमान्त कर की दर 11.6 फीसदी बढ़ी है। जैसा कि क्षेत्र जीएसटी के बाहर रहता है, कारोबार निवेश पर भुगतान किए गए करों के लिए क्रेडिट का दावा नहीं कर सकता है, जैसा कि मुख्य आर्थिक सलाहकार के कार्यालय में सलाहकार, नवनीरज शर्मा और मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने 7 दिसंबर, 2017 को इंडियन एक्सप्रेस के लेख में लिखा है।

 

जीएसटी के पहले और बाद में कारोबार पर कर की दर

Source: Gaurav S. Ghosh and Jack Mintz

 

माल और सेवाओं की आपूर्ति में हर लेनदेन पर जीएसटी का भुगतान किया जाता है, और एक स्तर पर लगाए गए टैक्स को अगले चरण में भुगतान करने के लिए कर से कट या कटौती की जा सकती है।

 

भारत में दोहरी जीएसटी-केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) और राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) है। माल और सेवाओं की अंतर-राज्य आपूर्ति पर एक एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) भी है, जिसे सीजीएसटी और एसजीएसटी के जरिये भुगतान किया जा सकता है।

 

‘सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स’ के मुताबिक, सभी वस्तुओं और सेवाओं को छह स्लैब में से एक के तहत कर-0.25 फीसदी, 3 फीसदी, 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी, 28 फीसदी (यहां और यहां क्लिक करें) पर कर लगाया जाता है।

 

(विवेक विश्लेषक हैं और इंडियास्पेंड के साथ जुड़े हैं।)

 

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