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जेंडर वल्नरबिलिटी इंडेक्स के अनुसार भारत के छोटे राज्यों की महिलाएं ज्यादा सुरक्षित

विपुल विवेक,
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शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी और जन्म से 18 वर्ष तक की सुरक्षा पर महिलाओं की स्थिति पर राज्यों को स्थान देने वाली नई जेंडर वल्नरबिलिटी इंडेक्स (जीवीआई) पर टॉप 10 स्थानों में से छह पर छोटे राज्यों ने कब्जा किया है।

 

ब्रिटेन स्थित बाल अधिकारों की संस्था ‘प्लान इंटरनेश्नल’ ने अपनी पहली लिंग भेद्यता सूचकांक रिपोर्ट में कहा, “जन्म के समय खराब पोषण और शिक्षा (लड़की की) का प्रभाव भविष्य में आर्थिक और स्वास्थ्य परिणामों पर कहीं अधिक हो सकता है। “

 

” अगर सभी नहीं भी तो इनमें से अधिकांश का आपस में गहरा संबंध है।”

 

सूचकांक स्कोर शून्य से एक तक जाता है। उच्च मूल्य का संकेत बेहतर प्रदर्शन है। गोवा (0.656), केरल (0.634), मिजोरम (0.627), सिक्किम (0.613), मणिपुर (0.61) और हिमाचल प्रदेश (0.604) ( समग्र जीवीआई पर शीर्ष छह छोटे राज्यों ने चार आयामों में 170 संकेतकों का इस्तेमाल किया ) ने 0.6 से ऊपर स्कोर किया है। स्थान दिए गए 30 प्रांतों में से (29 राज्यों + दिल्ली) 16 राज्यों ने भारत के औसत 0.531 से ऊपर स्कोर किया है।

 

जेंडर वल्नरबिलिटी इंडेक्स – 2017

Source: Plan India

 

रिपोर्ट कहती है कि, एक क्षेत्र में उच्च उपलब्धियों का अन्य क्षेत्रों में भी प्रभाव पड़ सकता हैं, जिससे लड़कियों में समग्र कमी हो सकती है।

 

गोवा, जहां लड़कियां सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं,सुरक्षा के मामले में पहले स्थान पर हैं, शिक्षा पर पांचवें, स्वास्थ्य पर छठे और गरीबी पर आठवें स्थान पर है।

 

मुख्य रूप से स्वास्थ्य सूचकांक पर अपने दूसरे स्थान की मदद से समग्र जीवीआई में केरल दूसरे स्थान पर है। जीवीआई पर तीसरे के करीब, मिजोरम गरीबी सूचकांक पर दूसरे स्थान पर है।हालांकि, कुल प्रदर्शन कुछ क्षेत्रों में लिंग असमानता को छुपाता है।

 

कुल मिलाकर चौथे स्थान पर सिक्किम और आठवें पर पंजाब ने, गरीबी को छोड़कर सभी आयामों पर उच्च स्कोर, ( 18 वें और 22 ) किया है।

 

आंध्र प्रदेश में लड़कियां ( 12वीं समग्र ) अपेक्षाकृत हिंसा के प्रति अधिक कमजोर हैं ( सुरक्षा पर 26वां ), हालांकि, स्वास्थ्य और गरीबी दोनों पर राज्य पांचवें स्थान पर है।

 

0.410 के स्कोर के साथ, अंत में बिहार लड़कियों के लिए बद्तर राज्य है। चार आयामों में से दो (गरीबी और स्वास्थ्य) पर बिहार अंतिम स्थान पर है।

 

बिहार में कम से कम 39 फीसदी लड़कियों की शादी 18 वर्ष से पहले  हुई है ( 41 फीसदी पर पश्चिम बंगाल के बाद दूसरा सबसे ज्यादा ) और 15-19 वर्ष की आयु के 12.2 फीसदी लड़कियां या तो मां है या गर्भवती हैं, जैसा कि रिपोर्ट कहती है।

 

सबसे गरीब राज्यों में से एक बिहार, फिर भी रक्षा और शिक्षा पर 27 वें और 25 वें स्थान पर है, जो सबसे समृद्ध क्षेत्र  दिल्ली की तुलना में एक और पांच अंक अधिक है।

 

दिल्ली ने 2015-16 और 2016-17 में कुल राज्य खर्च में हिस्सेदारी के रूप में शिक्षा पर अधिक खर्च किया। तेलंगाना शिक्षा पर छठे स्थान पर था, जिसने दोनों वर्षों में कुल खर्च के हिस्से के रूप में सबसे कम खर्च किया है।

 

राज्य अनुसार शिक्षा पर खर्च

Source: Reserve Bank of India

 

कर्नाटक, कुल मिलाकर सातवें स्थान पर है और गरीबी और शिक्षा पर टॉप 10 में से है और सुरक्षा पर 17वें स्थान पर है। रिपोर्ट कहती है कि, कर्नाटम में ऐसी लड़कियों और महिलाओं का अनुपात सबसे ज्यादा है जिन्होंने गर्भावस्था के दौरान हिंसा का अनुभव किया है।

 

(विवेक विश्लेषक हैं और इंडियास्पेंड के साथ जुड़े हैं।)

 

यह लेख मूलत: अंग्रेजी में 27 नवंबर 2017 को indiaspend.com पर प्रकाशित हुआ है।

 

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