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जातियों के भीतर व्यापक आय असमानताएं, सवर्ण जातियों में से टॉप 10 के पास 60 फीसदी संपत्ति का स्वामित्व

जातियों के भीतर व्यापक आय असमानताएं, सवर्ण जातियों में से टॉप 10 के पास 60 फीसदी संपत्ति का स्वामित्व

  बेंगलुरु: भारत के सवर्ण जाति के परिवारों ने राष्ट्रीय औसत वार्षिक घरेलू आय की तुलना में लगभग 47 फीसदी अधिक कमाई की है। वर्ष 2012 में इन जातियों के…

राष्ट्रीय क्रेच योजना के लिए फंड में सरकार ने की कटौती, गरीब कामकाजी माताओं की मुश्किलें बढ़ीं

राष्ट्रीय क्रेच योजना के लिए फंड में सरकार ने की कटौती, गरीब कामकाजी माताओं की मुश्किलें बढ़ीं

  मुंबई: घरेलू सहायक के रूप में आरती जिस घर में काम करती है, उस घर के लोग व्यस्त और महत्वपूर्ण हैं, जो दक्षिण मुंबई की  आर्ट गैलरी के पास…

ड्रग रेसिसटेंट टीबी से लड़ाई में दक्षिण अफ्रीका की सफलताओं से क्या-क्या सीख सकता है भारत

ड्रग रेसिसटेंट टीबी से लड़ाई में दक्षिण अफ्रीका की सफलताओं से क्या-क्या सीख सकता है भारत

  जोहान्सबर्ग, केपटाउन, खायेलित्शा (दक्षिण अफ्रीका): जुलाई 2017 में, दो बच्चों की मां, 40 वर्षीय नोलुदे मबांडेला घर पर बेहोश हो गई। एम्बुलेंस बुलाया गया और मबांडेला को निकटतम सरकारी…

ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी से प्रभावित वैशाली शाह ने जान बचाने के लिए नई दवा के लिए पीएमओ में दायर की याचिका। दवा की प्रतीक्षा में अन्य की गई जान

ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी से प्रभावित वैशाली शाह ने जान बचाने के लिए नई दवा के लिए पीएमओ में दायर की याचिका। दवा की प्रतीक्षा में अन्य की गई जान

  मुंबई/नई दिल्ली: चेहरे पर मास्क और वजन में महज 32 किलो! अक्टूबर 2018 में डोंबिवली के उसके एक बेडरूम वाले अपार्टमेंट में जब इंडियास्पेंड ने उनसे मुलाकात की तो…

“दिल्ली में कारोबार सुगमता का दावा सिर्फ दिखावा”

“दिल्ली में कारोबार सुगमता का दावा सिर्फ दिखावा”

  माउंट आबू: 2016 में, विश्व बैंक की ओर से ‘कारोबार सुगमता ’ की रैंकिंग में भारत 190 देशों में से 130 वें स्थान पर रहा है। एक साल बाद,…

आखिर क्यों भारतीय श्रमशक्ति में शहरी महिलाओं की तुलना में ग्रामीण महिलाओं की संख्या तेजी से हो रही है कम?

आखिर क्यों भारतीय श्रमशक्ति में शहरी महिलाओं की तुलना में ग्रामीण महिलाओं की संख्या तेजी से हो रही है कम?

  मुंबई: शहरी श्रमशक्ति में महिलाओं की मौजूदगी के मुकाबले ग्रामीण श्रमशक्ति में महिलाओं की संख्या तेजी से गिर रही है। यह जानकारी सरकारी आंकड़ों पर इंडियास्पेंड द्वारा किए गए…

खुले में शौच में 26 प्रतिशत की कमी, लेकिन शौचालयों का निर्माण और उनके इस्तेमाल के आंकड़े मेल नहीं खाते !

खुले में शौच में 26 प्रतिशत की कमी, लेकिन शौचालयों का निर्माण और उनके इस्तेमाल के आंकड़े मेल नहीं खाते !

  नई दिल्ली: चार साल पहले की तुलना में 2018 में गांवों में अधिक लोगों के पास शौचालय की सुविधा है, लेकिन फिर भी उनमें से 44 फीसदी खुले में…

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